श्री गणेश (संकट चतुर्थी) चतुर्थी से संकटो का नाश
संकट नाशक गणेश चतुर्थी व्रत चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की रात्रि मे रहने वाली चतुर्थी से प्रारम्भ करना चाहिए एक वर्ष (12 माह अधिक मास हो तो 13 माह) तक करें, अंतिम चतुर्थी को उद्यापन करें। व्रत प्रारम्भ करने से उद्यापन होने तक में कैसा भी संकट हो या कैसी भी समस्या हो उसका निराकरण हो जाता है। यह स्वयं परिक्षित और मेरे पास अपनी परेशानी लेकर आये व्यक्तियों को मैने इस व्रत को करने की सलाह दी और व्रत की पूजन विधि और व्रत के नियम बताए। उन्होंने इस व्रत को किया और उनको इस व्रत को करने से लाभ हुआ।ईस्वी सन 2016 मे श्री गणेश (संकट) चतुर्थी
| दिनांक | माह और पक्ष |
|---|---|
| 27 जनवरी बुधवार | माघ माह कृष्ण पक्ष |
| 26 फरवरी शुक्रवार | फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष |
| 27 मार्च रविवार | चैत्र माह कृष्ण पक्ष |
| 25 अप्रेल सोमवार | वैशाख माह कृष्ण पक्ष |
| 25 मई बुधवार | ज्येष्ठ माह कृष्ण पक |
| 23 जून गुरुवार | आषाढ माह कृष्ण पक्ष |
| 23 जुलाई शनिवार | श्रावण माह कृष्ण पक्ष |
| 21 अगस्त रविवार | भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष |
| 19 सितम्बर सोमवार | आश्विन माह कृष्ण पक्ष |
| 19 अक्टूम्बर बुधवार | कार्तिक माह (करवा चौथ) कृष्ण पक्ष |
| 17 नवम्बर गुरुवार | मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष |
| 17 दिसम्बर शनिवार | पौष माह कृष्ण पक्ष |

